इंडिया पोस्ट में डाक नए पते पर कैसे मंगवाएं और पता कैसे बदलें
घर बदल लिया, या Speed Post गलत पते पर भेज दिया? ये दो अलग-अलग मामले हैं और दोनों का हल भी अलग है। यहाँ जानिए दोनों कैसे होते हैं, मौजूदा Post Office Regulations के हिसाब से इनका खर्च कितना है, और किस मोड़ के बाद पता बदलना मुमकिन ही नहीं रहता।
किसी एक आइटम का पता बदलना है?
पहले देखिए वह कहाँ पहुँचा है। "Out for Delivery" दिखने के बाद पोस्ट ऑफिस उसका पता बदलने की अर्ज़ी नहीं ले सकता।
सीधा जवाब: इंडिया पोस्ट आपकी डाक नए पते पर भेज सकता है, लेकिन तभी जब आप पोस्ट ऑफिस में लिखकर अर्ज़ी दें। अगर आपने घर बदला है, तो उस पोस्ट ऑफिस को लिखित सूचना दीजिए जो आपके पुराने पते पर डाक बाँटता है। यह सूचना ज़्यादा से ज़्यादा तीन महीने तक लागू रहती है। अगर नया पता उसी पोस्ट ऑफिस के डिलीवरी एरिया में है तो यह मुफ़्त है, वरना हर रीडायरेक्ट होने वाले आइटम पर ₹6 फ़ीस लगती है।
अगर बात किसी एक Speed Post या पार्सल की है जो गलत जगह जा रहा है, तो भेजने वाला या पाने वाला लिखकर उसका पता बदलने की अर्ज़ी दे सकता है। फ़ीस वही ₹6 प्रति आइटम है, और यह काम आइटम के Out for Delivery होने से पहले होना चाहिए। उसके बाद नियमों के मुताबिक ऐसी अर्ज़ी पर विचार नहीं किया जाता।
इंटरनेट पर ज़्यादातर पेज इन दोनों मामलों को मिला देते हैं, और कई ₹30 या ₹60 महीने जैसी फ़ीस बताते हैं जो हमें इंडिया पोस्ट के आज लागू नियमों में कहीं नहीं मिली। नीचे वही बताया गया है जो Post Office Regulations, 2024 (16 दिसंबर 2024 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित) में असल में लिखा है, आसान स्टेप्स में।
पहले यह तय करें: आपका मामला कौन-सा है?
जो लाइन आप पर लागू होती है उसे चुनिए। हर एक का हल और डेडलाइन अलग है।
| आपकी स्थिति | क्या करें | फ़ीस |
|---|---|---|
| आपने घर बदला है और चाहते हैं कि सारी डाक नए पते पर आए | पुराने पते वाले पोस्ट ऑफिस में पता बदलने की लिखित सूचना दें | उसी डिलीवरी एरिया में मुफ़्त, वरना ₹6 प्रति आइटम |
| एक Speed Post या पार्सल रास्ते में है और गलत या पुराने पते पर जा रहा है | Out for Delivery से पहले पता बदलने की लिखित अर्ज़ी दें (भेजने वाला या पाने वाला) | ₹6 प्रति आइटम (उसी डिलीवरी एरिया में पाने वाले के लिए मुफ़्त) |
| अभी-अभी बुक किया है और पता गलत लिखा गया | उसी दिन बुकिंग काउंटर पर वापस जाएं और डिस्पैच होने से पहले कैंसिल या ठीक करवाएं | काउंटर पर पूछें |
| Tracking में पहले से "Out for Delivery" दिख रहा है | अब पता नहीं बदलेगा। डिलीवरी या कलेक्शन के लिए डिलीवरी पोस्ट ऑफिस से बात करें | बदलाव संभव नहीं |
घर बदल लिया? अपनी सारी डाक नए पते पर मंगवाएं
Regulation 69 के तहत कोई भी निवासी अपने नए घर या ऑफिस के पते की लिखित सूचना पोस्ट ऑफिस को दे सकता है, ताकि उसके नाम की डाक नए पते पर पहुँचे। तरीका यह है।
पुराने पते पर डाक बाँटने वाला पोस्ट ऑफिस पता करें
यह वही ऑफिस है जिसका पोस्टमैन आपके पुराने घर डाक लाता था। आम तौर पर यह आपके पुराने PIN code का पोस्ट ऑफिस होता है। पक्का न हो तो किसी पुराने Speed Post की tracking हिस्ट्री देखिए: "Out for Delivery" के आगे जिस ऑफिस का नाम है, वही आपका डिलीवरी पोस्ट ऑफिस है।
दोनों पतों के साथ लिखित सूचना दें
नियमों में लिखित सूचना माँगी गई है। कोई खास फ़ॉर्म तय नहीं है, इसलिए दस्तख़त वाली एक चिट्ठी काफ़ी है। कुछ ऑफिस अपना फ़ॉर्म भी दे सकते हैं, वह भी ठीक है। इसमें लिखें:
- आपका पूरा नाम (और परिवार के उन लोगों के नाम जिनकी डाक भी नए पते पर जानी चाहिए)
- PIN code के साथ पुराना पता
- सही PIN code के साथ नया पता
- किस तारीख से डाक नए पते पर भेजी जाए
- आपका मोबाइल नंबर और दस्तख़त
एक फ़ोटो ID और नए पते का कोई सबूत साथ रखें। नियमों में इसके लिए दस्तावेज़ों की सूची नहीं है, लेकिन काउंटर यह पक्का करना चाहेगा कि अर्ज़ी सच में आप ही दे रहे हैं। कोई नहीं चाहेगा कि कोई अनजान आदमी आपके बैंक कार्ड कहीं और मंगवा ले।
फ़ीस समझें और रसीद लें
अगर पुराना और नया पता एक ही पोस्ट ऑफिस के डिलीवरी एरिया में है, जैसे आप दो गली आगे शिफ़्ट हुए हैं, तो रीडायरेक्शन मुफ़्त है। अगर नया पता उस एरिया से बाहर है, तो नियमों में फ़ीस ₹6 प्रति आइटम है। यह हर आइटम का चार्ज है, कोई मासिक सब्सक्रिप्शन नहीं।
नियमों में यह भी लिखा है कि आप जो भी फ़ीस दें, पोस्ट ऑफिस को उसकी रसीद देनी होगी। रसीद माँगिए और अपनी सूचना की कॉपी के साथ संभालकर रखिए।
तीन महीने की सीमा कैलेंडर में नोट कर लें
पता बदलने की सूचना ज़्यादा से ज़्यादा तीन महीने तक लागू रहती है। नियम यही है, कुछ साइटों के दावे की तरह 6 या 12 महीने नहीं। इन तीन महीनों में हर ज़रूरी जगह अपना पता अपडेट कर लीजिए: बैंक, Aadhaar, PAN, बीमा, ऑफिस और ऑनलाइन शॉपिंग अकाउंट। तीन महीने बाद भी रीडायरेक्शन चाहिए तो पोस्ट ऑफिस से पूछिए कि क्या नई सूचना दी जा सकती है।
यह न किया तो डाक वापस जाएगी। Regulation 65 के मुताबिक, अगर पता है कि पाने वाला बिना यह बताए पता छोड़ गया है कि डाक कहाँ भेजी जाए, तो न बँट पाने वाली डाक भेजने वाले को लौटा दी जाती है। जिस आइटम पर भेजने वाले का पता नहीं, वह Returned Letter Office चला जाता है। अगर आपका PAN कार्ड, चेक बुक या परीक्षा का एडमिट कार्ड आने वाला है, तो सूचना देने के लिए एक चक्कर लगाना बिल्कुल फ़ायदे का सौदा है।
पता बदलने की सूचना का नमूना पत्र, जिसे आप कॉपी कर सकते हैं
इसे लिखिए या प्रिंट कीजिए, खाली जगहें भरिए और दस्तख़त कीजिए। दो कॉपी बनाइए ताकि एक पर "प्राप्त" की मुहर लगवा सकें।
सेवा में,
पोस्टमास्टर,
[पोस्ट ऑफिस का नाम], [PIN code]
विषय: मेरी डाक नए पते पर भेजने हेतु अनुरोध
महोदय/महोदया,
मैं नीचे दिए पते से शिफ़्ट हो गया/गई हूँ। अनुरोध है कि [तारीख] से मेरे (और [परिवार के सदस्यों के नाम] के) नाम से पुराने पते पर आने वाली सभी डाक मेरे नए पते पर दी जाए।
पुराना पता: [मकान नं., गली, इलाका, शहर, PIN]
नया पता: [मकान नं., गली, इलाका, शहर, PIN]
लागू रीडायरेक्शन फ़ीस मैं चुका दूँगा/दूँगी। कृपया मुझे रसीद दें। मेरा मोबाइल नंबर [नंबर] है।
भवदीय,
[दस्तख़त]
[नाम], [तारीख]
एक आइटम गलत पते पर जा रहा है: रास्ते में ही पता बदलें
यह ज़्यादा जल्दी वाला मामला है: पुराने फ़्लैट पर बुक हुआ Speed Post, पते में टाइपो वाला पार्सल, या गलत मकान नंबर वाला ई-कॉमर्स रिटर्न लेबल। यह Regulation 55 के तहत आता है।
अगर आप भेजने वाले हैं
₹6 फ़ीस देकर आप पता या पाने वाले का नाम बदलवा सकते हैं, या आइटम वापस मंगवा (recall) सकते हैं। इसके लिए पाने वाले की सहमति ज़रूरी नहीं।
अगर आप पाने वाले हैं
आप डिलीवरी का पता बदलने की अर्ज़ी दे सकते हैं। नया पता उसी पोस्ट ऑफिस के डिलीवरी एरिया में है तो मुफ़्त, वरना ₹6।
यह सुविधा accountable घरेलू आइटम के लिए है: वे आइटम जिनकी बुकिंग रसीद और tracking मिलती है, और डिलीवरी पर दस्तख़त होते हैं। नियमों में इनमें Speed Post, India Post Parcel और Magazine Post का नाम है। 2025 में Registered Post को Speed Post में मिला दिया गया, इसलिए लोगों की ज़्यादातर ज़रूरी चिट्ठियाँ इसी समूह में आती हैं। बिना tracking वाली साधारण चिट्ठियाँ रास्ते में पता बदलने की इस सुविधा में नहीं आतीं।
अर्ज़ी कैसे दें
- 1अभी ट्रैक करें SpeedIndiaPost.com पर। देखिए आइटम आख़िरी बार किस ऑफिस पहुँचा और क्या वह डिलीवरी ऑफिस तक पहुँच चुका है।
- 2छोटी-सी अर्ज़ी लिखें जिसमें 13 अक्षरों का consignment number, आइटम पर लिखा पता, सही पता, और कारण हो (जैसे "पाने वाला शिफ़्ट हो गया है" या "गलत मकान नंबर लिखा गया")।
- 3फ़ीस के साथ जमा करें पोस्ट ऑफिस में, और रसीद रखें। भेजने वाले आम तौर पर बुकिंग रसीद लेकर बुकिंग ऑफिस से शुरुआत करते हैं। पाने वाले आम तौर पर डिलीवरी ऑफिस से।
- 4डिलीवरी पोस्ट ऑफिस को फ़ोन भी करें अगर आइटम वहाँ पहुँच गया है या पहुँचने वाला है। आइटम उन्हीं के पास है, और एक फ़ोन से उन्हें सुबह की बीट पर निकलने से पहले कुछ करने का मौका मिल जाता है।
गारंटी नहीं, पर नाकाम होने पर फ़ीस वापस। नियमों के अनुसार अगर पोस्ट ऑफिस अर्ज़ी पूरी न कर पाए तो वह ज़िम्मेदार नहीं है, और आम तौर पर फ़ीस वापस नहीं होती। अपवाद (Regulation 58): अगर अर्ज़ी पूरी नहीं हुई, तो उसके लिए ली गई फ़ीस लौटा दी जाती है। यह नियम भेजने वाले की अर्ज़ी के हिसाब से लिखा है, इसलिए अगर आप पाने वाले हैं तो रिफ़ंड की बात काउंटर पर पक्की कर लें। जो भी हो, अर्ज़ी देने में आपका खर्च बहुत कम है।
Speed Post का समय: पता कब तक बदला जा सकता है
Speed Post तेज़ चलता है, इसलिए आपके पास समय कम होता है। tracking टाइमलाइन में आइटम जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, आपकी संभावना ऐसे बदलती है।
बुक हुआ, अभी डिस्पैच नहीं हुआ: सबसे आसान
अपनी रसीद लेकर बुकिंग काउंटर पर वापस जाइए। नियमों में आइटम को बुकिंग ऑफिस से निकलने से पहले कैंसिल करने की इजाज़त है। जुलाई 2026 में अधिसूचित एक संशोधन के तहत काउंटर बुकिंग उसी दिन कैंसिल हो सकती है, और इंडिया पोस्ट की वेबसाइट या ऐप से बुक हुए आइटम पोस्ट ऑफिस के स्वीकार करने से पहले कैंसिल हो सकते हैं। डाक शुल्क का रिफ़ंड इंडिया पोस्ट के प्रशासनिक निर्देशों के हिसाब से होता है। फिर आप सही पते पर दोबारा बुक कर सकते हैं।
रास्ते में (Item Bagged, Dispatched, हब पर Received): मुमकिन
Regulation 55 वाली लिखित अर्ज़ी इसी समय काम की है। जल्दी कीजिए: छोटे रूट पर आइटम एक-दो दिन में डिलीवरी ऑफिस पहुँच सकता है।
डिलीवरी ऑफिस पहुँच गया: आज ही फ़ोन करें
आइटम उस ऑफिस में है जो उसे डिलीवर करेगा, और आम तौर पर अगली बीट पर निकलता है। उस ऑफिस को फ़ोन कीजिए और आइटम निकलने से पहले अपनी लिखित अर्ज़ी पहुँचा दीजिए।
Out for Delivery: अब पता नहीं बदलेगा
Regulation 56 कहता है कि आइटम Out for Delivery होने के बाद भेजने वाले या पाने वाले की कोई अर्ज़ी नहीं ली जाएगी। अगर डिलीवरी नहीं हो पाती, तो आइटम ऑफिस लौट आता है। तब होल्डिंग अवधि के अंदर उसे लें या दोबारा डिलीवरी करवाएं।
रीडायरेक्ट हुआ आइटम कितना ज़्यादा समय लेता है?
इंडिया पोस्ट रीडायरेक्ट हुए आइटम के लिए कोई तय देरी प्रकाशित नहीं करता, इसलिए सटीक दिन बताने वाली किसी भी साइट से सावधान रहें। इसे ऐसे समझिए: आइटम पहले उस ऑफिस तक जाता है जिसके पते पर वह भेजा गया था। फिर वहाँ से आपके नए पते तक दूसरा सफ़र शुरू होता है।
अगर आप उसी शहर में शिफ़्ट हुए हैं, तो दूसरा हिस्सा शायद बस एक-दो दिन जोड़े। अगर आप चेन्नई से दिल्ली गए हैं, तो मूल सफ़र के ऊपर लगभग उतना समय मानिए जितना इन दो जगहों के बीच एक नया Speed Post लेता है। हमारी Speed Post डिलीवरी टाइम गाइड में शहरों के बीच का आम समय दिया है।
जिस चीज़ में समय बहुत मायने रखता है, जैसे नौकरी का जॉइनिंग लेटर या डेडलाइन वाला दस्तावेज़, उसमें रीडायरेक्ट हुई कॉपी का इंतज़ार करने से अक्सर तेज़ यह रहता है कि भेजने वाले से नए पते पर नई कॉपी भिजवा लें।
सीमाएं और खास मामले, जो जानना ज़रूरी है
यह काउंटर का काम है, ऑनलाइन नहीं
नियमों में पोस्ट ऑफिस को लिखित अर्ज़ी देना ज़रूरी है, और हमें इंडिया पोस्ट की वेबसाइट indiapost.gov.in पर रीडायरेक्शन का कोई ऑनलाइन फ़ॉर्म नहीं मिला। पोस्ट ऑफिस जाने का प्लान बनाइए। राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1800 266 6868 किसी खास consignment में मदद कर सकती है, लेकिन लिखित अर्ज़ी की जगह नहीं ले सकती।
मनी ऑर्डर मुफ़्त में रीडायरेक्ट होते हैं
Regulation 151 के तहत मनी ऑर्डर पाने वाला पहचान का सबूत देकर अर्ज़ी करे तो मनी ऑर्डर दूसरे पते पर मुफ़्त भेजा जा सकता है। हाँ, पाने वाले का नाम नहीं बदला जा सकता।
अंतरराष्ट्रीय आइटम के नियम अलग हैं
जुलाई 2026 में अधिसूचित एक संशोधन ने अंतरराष्ट्रीय आइटम को अलग नियम में डाल दिया। विदेश से आने वाले accountable (tracking वाले) आइटम का पाने वाला रीडायरेक्शन माँग सकता है (उसी डिलीवरी एरिया में मुफ़्त), और विदेश जाने वाले आइटम का भेजने वाला बुकिंग ऑफिस से recall माँग सकता है। जो आइटम पहले से विदेश में है, उसका मामला उस देश की डाक सेवा पर निर्भर है।
गलत PIN code अलग समस्या है
अगर गली-मोहल्ले का पता सही है लेकिन PIN code गलत है, तो आइटम पहले गलत डिलीवरी ऑफिस जा सकता है। उस मामले के लिए देखें गलत PIN code होने पर क्या होता है।
साधारण चिट्ठियों की tracking नहीं होती
Regulation 69 वाली पता बदलने की सूचना आपके नाम के आइटम पर लागू होती है, लेकिन बिना tracking वाली साधारण डाक में आप यह नहीं देख सकते कि कोई खास चिट्ठी आगे भेजी गई या नहीं। ज़रूरी चीज़ के लिए भेजने वाले से कहिए कि नए पते पर Speed Post से भेजे।
वे गलतियाँ जिनकी वजह से लोगों की डाक खो जाती है
नए इलाके के पोस्ट ऑफिस जाना
सूचना उस ऑफिस में देनी है जो आपके पुराने पते पर डाक बाँटता है। नया ऑफिस आपकी पुरानी डाक देखता ही नहीं, तो उसे आगे भी नहीं भेज सकता।
पोस्टमैन को सिर्फ़ ज़ुबानी बताना
पोस्टमैन से बात कर लेना अच्छी बात है, लेकिन नियमों में लिखित सूचना चाहिए। पोस्टमैन छुट्टी पर हो सकता है, उसका तबादला हो सकता है, या वह भूल सकता है।
तीन महीने की मियाद भूल जाना
तीन महीने बाद डाक फिर से पुराने पते पर जाने लग सकती है। उससे काफ़ी पहले बैंकों और सरकारी विभागों में अपना पता अपडेट कर लीजिए।
नया पता लापरवाही से लिखना
रीडायरेक्ट हुआ आइटम उतना ही सही पहुँचेगा जितना सही पता आप देंगे। सही PIN code और किसी लैंडमार्क के साथ हमारी पता लिखने की गाइड फ़ॉलो करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अब क्या करें
- घर बदला है? ऊपर वाला पत्र प्रिंट कीजिए, दस्तख़त कीजिए, और इसी हफ़्ते ID और नए पते के सबूत के साथ अपने पुराने PIN code वाले पोस्ट ऑफिस ले जाइए।
- कोई आइटम गलत दिशा में जा रहा है? अभी ट्रैक कीजिए। अगर वह अभी "Out for Delivery" नहीं हुआ, तो आज ही लिखित अर्ज़ी और ₹6 पोस्ट ऑफिस में दीजिए, और डिलीवरी ऑफिस को फ़ोन कीजिए।
- पहले से Out for Delivery है या डिलीवरी की कोशिश हो चुकी है? हमारे Out for Delivery लेकिन डिलीवर नहीं हुआ वाले स्टेप्स फ़ॉलो कीजिए, और अगर पोस्ट ऑफिस मदद न करे तो शिकायत दर्ज कीजिए।
अभी देखें आपका आइटम कहाँ है
मुफ़्त Speed Post और India Post tracking। देखिए कि पता बदलने का समय अभी बचा है या नहीं।
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