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Guide 7 नवंबर 2026 · 11 मिनट

इंडिया पोस्ट से अमेरिका (USA) पार्सल कैसे भेजें (2026): बुकिंग पर ड्यूटी, गिफ्ट के नियम और खर्च

हाँ, अब आप अपने पोस्ट ऑफिस से फिर से अमेरिका पार्सल भेज सकते हैं। ड्यूटी कैसे तय होती है और काउंटर पर कैसे भरी जाती है, जुलाई 2026 में क्या बदला, गिफ्ट और मिठाई का क्या करें, और कौन-सी सर्विस चुनें — सब यहाँ है।

आख़िरी अपडेट: 7 नवंबर 2026। 2025 से अब तक पोस्टल सामान पर अमेरिकी टैरिफ़ कई बार बदल चुके हैं, इसलिए जिस दिन बुक करें, उसी दिन पोस्ट ऑफिस से ड्यूटी पक्की कर लें। Read this guide in English

अमेरिका पार्सल पहले ही भेज दिया?

कंसाइनमेंट नंबर से कोई भी इंटरनेशनल Speed Post (EMS), Tracked Packet या एयर पार्सल ट्रैक करें — मुफ़्त, बिना लॉगिन।

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हाँ, इंडिया पोस्ट अमेरिका के लिए पार्सल बुक कर रहा है। अगस्त 2025 के आख़िर में बुकिंग रोक दी गई थी, और 15 अक्टूबर 2025 से सभी कैटेगरी फिर शुरू हुईं: इंटरनेशनल Speed Post (EMS), एयर पार्सल, रजिस्टर्ड लेटर और पैकेट, और ट्रैक्ड पैकेट। पहले से सबसे बड़ा फ़र्क़ यह है: सामान पर लगने वाली अमेरिकी कस्टम ड्यूटी अब आप ख़ुद, बुकिंग के समय पोस्ट ऑफिस काउंटर पर भरते हैं। इसे DDP (Delivery Duty Paid) कहते हैं, यानी अमेरिका में आपके परिवार को दरवाज़े पर ड्यूटी का बिल नहीं मिलना चाहिए।

अगर आपने 2025 में पढ़ा था कि ड्यूटी सामान की क़ीमत का सीधा 50% है, तो वह जानकारी अब पुरानी हो चुकी है। 23 जुलाई 2026 से इंडिया पोस्ट हर सामान की ड्यूटी अलग-अलग निकालता है, उस सामान के अमेरिकी टैरिफ़ कोड के हिसाब से। भारत में बने सामान पर इसका मतलब है: उस सामान की सामान्य अमेरिकी ड्यूटी और ऊपर से 10% अलग से, जो अमेरिका ने 24 जुलाई 2026 से भारतीय सामान पर लगाया है।

चिट्ठी और डॉक्यूमेंट पर कोई ड्यूटी नहीं लगती, क्योंकि वे सामान (goods) नहीं हैं। कपड़े, मिठाई, ज्वेलरी, किताबें और गिफ्ट — ये सब सामान हैं, और नए नियम इन पर लागू होते हैं, परिवार को भेजे गए गिफ्ट पर भी। नीचे पूरा तरीका है, ताकि आप पहली बार में ही सही काम कर सकें।

क्या हुआ था: सर्विस बंद, फिर शुरू, और जुलाई 2026 का बदलाव

ज़्यादातर कन्फ़्यूज़न पुरानी ख़बरों से होता है। यह छोटी-सी टाइमलाइन देखिए, ताकि पता रहे कि अभी कौन-से नियम लागू हैं।

कब क्या बदला
30 जुलाई 2025अमेरिका के Executive Order 14324 ने $800 या उससे कम के आयात पर मिलने वाली ड्यूटी-फ़्री छूट ख़त्म की, 29 अगस्त 2025 से, हर देश के लिए।
अगस्त 2025 का आख़िरइंडिया पोस्ट ने अमेरिका की बुकिंग रोकी, क्योंकि अमेरिका जाने वाली एयरलाइंस ने कहा कि नए अमेरिकी ड्यूटी नियमों के तहत वे अभी पोस्टल सामान नहीं ले जा सकतीं। पहले चिट्ठी, डॉक्यूमेंट और $100 तक के गिफ्ट को छूट दी गई थी, लेकिन 31 अगस्त 2025 को इंडिया पोस्ट ने चिट्ठी और डॉक्यूमेंट समेत सभी कैटेगरी रोक दीं।
15 अक्टूबर 2025सभी कैटेगरी फिर शुरू, ड्यूटी बुकिंग पर ही ली गई (DDP)। ड्यूटी घोषित क़ीमत का सीधा 50% थी। इंडिया पोस्ट ने कहा कि DDP सर्विस का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा और डाक दरें वही रहेंगी।
24 जुलाई 2026अमेरिकी कस्टम (CBP) के एक नियम ने डाक से आने वाले सामान की ड्यूटी-फ़्री छूट अनिश्चित समय के लिए रोक दी और $2,500 या उससे कम क़ीमत की शिपमेंट के लिए नई पोस्टल एंट्री प्रक्रिया शुरू की। उसी दिन से भारतीय सामान पर 10% का नया अमेरिकी टैरिफ़ भी लागू हुआ।
23–27 जुलाई 2026 सेइंडिया पोस्ट ने सीधे रेट की जगह टैरिफ़ कोड के हिसाब से ड्यूटी शुरू की। 27 जुलाई 2026 से बुकिंग पर हर सामान का 10 अंकों वाला अमेरिकी टैरिफ़ (HTSUS) कोड दर्ज होता है।

पुरानी पोस्ट और वीडियो से सावधान। बहुत-सी जगह अब भी लिखा है "India Post USA service suspended" या "50% ड्यूटी"। अब इनमें से कुछ भी सही नहीं है। अगर किसी छोटे ब्रांच ऑफिस में कर्मचारी को पक्का पता न हो, तो उनसे हेड पोस्ट ऑफिस से पूछने को कहें, या International Business Centre या डाक घर निर्यात केंद्र (Dak Ghar Niryat Kendra) से बुक करें।

अमेरिकी ड्यूटी कैसे निकलती है और काउंटर पर कैसे भरी जाती है

आप हर सामान, उसकी क़ीमत और उसका टैरिफ़ कोड बताते हैं। पोस्ट ऑफिस डाक शुल्क के साथ अमेरिकी ड्यूटी भी आपसे ले लेता है। फिर इंडिया पोस्ट आपकी दी हुई जानकारी के आधार पर एक लाइसेंसधारी अमेरिकी कस्टम ब्रोकर के ज़रिए अमेरिका में कस्टम एंट्री फ़ाइल करवाता है। इसीलिए सारी डिटेल सही होनी चाहिए।

हर सामान की ड्यूटी के दो हिस्से होते हैं:

1. उस सामान की सामान्य अमेरिकी ड्यूटी

अमेरिकी टैरिफ़ लिस्ट में हर प्रोडक्ट का एक रेट होता है, जो उसके 10 अंकों वाले कोड से तय होता है। कुछ चीज़ों पर 0% है, कुछ पर काफ़ी ज़्यादा। जैसे कपड़ों का कोड कपड़े (फ़ैब्रिक) के हिसाब से अलग हो सकता है।

2. भारतीय सामान पर 10% अलग से

24 जुलाई 2026 से अमेरिका भारत में बने सामान पर 10% जोड़ता है (उसका Section 301 एक्शन)। यह सामान्य ड्यूटी के ऊपर लगता है। जिन सामानों पर पहले से अलग अमेरिकी "Section 232" टैरिफ़ लगते हैं (जैसे स्टील और एल्युमिनियम), सूचना सामग्री (informational materials), दान का सामान और अमेरिकी नोटिस में लिखे कुछ और प्रोडक्ट इस 10% से बाहर हैं।

एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए आप कुल $60 के दो कुर्ते भेज रहे हैं। नीचे दिया रेट सिर्फ़ हिसाब समझाने के लिए बनाया गया है, इसे अपने पार्सल के लिए इस्तेमाल न करें। असली रेट काउंटर पर सामान के कोड से पता चलेगा।

स्टेप रक़म
कुर्तों की घोषित क़ीमत$60.00
सामान्य अमेरिकी ड्यूटी, अगर कोड का रेट 10% होता (सिर्फ़ उदाहरण)$6.00
भारतीय सामान पर 10% अलग से$6.00
बुकिंग पर आप जो ड्यूटी भरेंगे$12.00 (रुपये में लिया जाएगा)

यह रक़म डाक शुल्क के ऊपर देनी होती है। जाने से पहले पोस्ट ऑफिस से पूछ लें कि डॉलर को रुपये में किस रेट पर बदलते हैं और कोई सर्विस चार्ज जुड़ता है या नहीं। अक्टूबर 2025 में DDP सिस्टम शुरू होते समय इंडिया पोस्ट ने कहा था कि इसके लिए कुछ अतिरिक्त नहीं लिया जाएगा, पर पक्का कर लें कि यह अब भी लागू है।

$2,500 से ज़्यादा? इंडिया पोस्ट की पोस्टल एंट्री प्रक्रिया सिर्फ़ $2,500 या उससे कम क़ीमत वाली शिपमेंट के लिए है। इससे ज़्यादा क़ीमत पर अमेरिका में फ़ॉर्मल कस्टम एंट्री चाहिए, इसलिए पहले International Business Centre या डाक घर निर्यात केंद्र से बात करें, या एक्सपोर्ट डेस्क वाला कूरियर इस्तेमाल करें।

गिफ्ट और डॉक्यूमेंट: क्या अलग है

डॉक्यूमेंट और चिट्ठियाँ: काग़ज़ात, सर्टिफ़िकेट और चिट्ठियाँ सामान नहीं हैं, इसलिए इन पर कोई अमेरिकी ड्यूटी नहीं लगती। ध्यान रहे, 31 अगस्त 2025 से 15 अक्टूबर 2025 को सर्विस दोबारा शुरू होने तक इंडिया पोस्ट ने अमेरिका के लिए चिट्ठी और डॉक्यूमेंट लेना भी बंद कर दिया था।

गिफ्ट: अमेरिकी कस्टम की वेबसाइट पर अब भी लिखा है कि अमेरिका में कोई व्यक्ति एक दिन में $100 तक के गिफ्ट बिना ड्यूटी के पा सकता है, और उसका 2026 का पोस्टल नियम भी कहता है कि यह गिफ्ट छूट नहीं बदली। लेकिन इंडिया पोस्ट के जुलाई 2026 के निर्देश कहते हैं कि नए नियम सभी सामान पर लागू हैं, गिफ्ट और निजी शिपमेंट पर भी। यानी असल में यही मानकर चलें कि आपका गिफ्ट भी उसी प्रक्रिया से गुज़रेगा: टैरिफ़ कोड, घोषित क़ीमत और काउंटर पर निकली ड्यूटी।

सच कहें तो अपना बजट $100 वाले गिफ्ट नियम के भरोसे न बनाएं। काउंटर पर पूछ लें कि उस दिन के सिस्टम में $100 से कम का गिफ्ट बिना ड्यूटी के जा सकता है या नहीं। अगर वे कहें कि ड्यूटी लगेगी, तो डिब्बा पैक करने से पहले ही यह जान लेना बेहतर है।

कस्टम फ़ॉर्म भरना (CN 22 / CN 23)

सामान वाले हर पार्सल के साथ कस्टम डिक्लेरेशन लगता है। CN 22 कम क़ीमत वाले सामान का छोटा फ़ॉर्म है, और CN 23 ज़्यादा क़ीमत वाले सामान का पूरा फ़ॉर्म। आपके पार्सल के लिए कौन-सा चाहिए, काउंटर बता देगा। दोनों में से किसी भी फ़ॉर्म में:

हर सामान अलग-अलग लिखें: "2 cotton kurtas", "500 g kaju katli in sealed box"। सिर्फ़ "gift" या "clothes" कभी न लिखें।
हर सामान की असली क़ीमत लिखें। ड्यूटी उसी पर निकलती है, और इंडिया पोस्ट के निर्देश कहते हैं कि ग़लत जानकारी से होने वाली कोई भी ड्यूटी, पेनल्टी या देनदारी भेजने वाले से वसूली जा सकती है।
कंट्री ऑफ़ ओरिजिन लिखें (सामान कहाँ बना, न कि आपने कहाँ से ख़रीदा) और "Gift", "Documents" या "Sale of goods" सही से टिक करें।
पाने वाले का पूरा अमेरिकी पता ZIP कोड के साथ और चालू फ़ोन नंबर दें।

अमेरिका के लिए EMS बनाम International Tracked Packet बनाम एयर पार्सल

ये सर्विस अमेरिका के लिए खुली हैं। कोई भी चुनें, ड्यूटी वही रहेगी, क्योंकि ड्यूटी अंदर रखे सामान पर निर्भर है, सर्विस पर नहीं। फ़र्क़ स्पीड, वज़न की सीमा और ट्रैकिंग में है।

सर्विस किसके लिए सही वज़न और ट्रैकिंग
इंटरनेशनल Speed Post (EMS)ज़रूरी सामान, डॉक्यूमेंट, क़ीमती चीज़ें, त्योहार के डिब्बे जिन्हें जल्दी पहुँचना हैइंडिया पोस्ट का सबसे तेज़ विकल्प, ट्रैकिंग के साथ। अमेरिका की मौजूदा वज़न सीमा काउंटर से पूछें।
International Tracked Packet (ITPS)छोटी, हल्की चीज़ें: दो-एक साड़ियाँ, राखी, एक किताब, छोटे ऑनलाइन ऑर्डरट्रैकिंग के साथ, हर 50 ग्राम के हिसाब से दाम। 2025 के बाद अमेरिका की वज़न सीमा और रेट एक से ज़्यादा बार बदले हैं (ITPS की रेट लिस्ट 2026 में फिर बदली गई), इसलिए दोनों काउंटर पर पक्का करें।
इंटरनेशनल एयर पार्सलभारी, बिना जल्दी वाले डिब्बे, जहाँ स्पीड से ज़्यादा ख़र्च मायने रखता हैEMS से धीमा। अमेरिका की वज़न सीमा और ट्रैकिंग की जानकारी काउंटर से पूछें।
रजिस्टर्ड लेटर (एयर)सिर्फ़ चिट्ठी और डॉक्यूमेंट1 जनवरी 2026 से इंडिया पोस्ट ने विदेश भेजे जाने वाले स्मॉल पैकेट (सामान वाले लेटर-पोस्ट आइटम) बंद कर दिए हैं, रजिस्टर्ड स्मॉल पैकेट समेत। एयर से भेजे जाने वाले डॉक्यूमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन जारी है। छोटा सामान ITPS से भेजें।

डाक शुल्क ड्यूटी के अलावा लगता है। टैरिफ़ बदलते रहते हैं, इसलिए ITPS का मौजूदा रेट indiapost.gov.in के पोस्टेज कैलकुलेटर पर या काउंटर पर देख लें। EMS के लिए भी यही करें: दाम वज़न पर निर्भर है, और पैसे देने से पहले काउंटर आपको बता देगा।

मेरी सलाह: वज़न सीमा के अंदर की हल्की और बिना जल्दी वाली चीज़ों के लिए ITPS, और भारी डिब्बे या किसी तारीख़ से पहले पहुँचने वाली चीज़ों के लिए EMS, जैसे दिवाली की मिठाई या शादी का जोड़ा। अमेरिका के लिए किसी भी सर्विस में डिलीवरी की पक्की तारीख़ नहीं होती, और कस्टम जाँच में कुछ दिन और लग सकते हैं, इसलिए जल्दी भेजें।

अमेरिका क्या नहीं भेज सकते (ख़ासकर खाने की चीज़ें)

सबसे ज़्यादा दिक्कत खाने और खेती से जुड़ी चीज़ों में आती है। अमेरिकी कस्टम इन्हें प्रतिबंधित या सीमित (restricted) मानता है:

किसी भी रूप में मीट: मीट वाली हर चीज़ भी, जैसे सूप मिक्स और स्टॉक क्यूब। चिकन अचार न भेजें।

ताज़े फल-सब्ज़ियाँ, पौधे, बीज और मिट्टी: इनमें से कई पर रोक है। पौधों और बीजों के लिए अक्सर इम्पोर्ट परमिट चाहिए, और मिट्टी बिना परमिट के प्रतिबंधित है। ताज़े आम, करी पत्ता और पौधे न भेजें।

जो चीज़ें इंडिया पोस्ट लेता ही नहीं: ज्वलनशील या विस्फोटक सामान, रिस सकने वाले तरल पदार्थ, नक़द और इंडिया पोस्ट की प्रतिबंधित सूची की बाक़ी चीज़ें। पैकिंग की बुनियादी बातों के लिए हमारी Speed Post कैसे भेजें गाइड देखें।

मिठाई और नमकीन: ख़ुद भेजें

अमेरिका का Food and Drug Administration (FDA) आम तौर पर खाने का सामान पहुँचने से पहले एक "prior notice" चाहता है। लेकिन उसकी गिफ्ट पॉलिसी के तहत, जब कोई व्यक्ति खाने की चीज़ ख़रीदकर बिना बिज़नेस के मक़सद से परिवार या दोस्तों को डाक से भेजता है, तो prior notice न होने पर भी FDA और अमेरिकी कस्टम आम तौर पर कार्रवाई नहीं करते। अगर दुकान आपकी तरफ़ से भेजती है, तो भेजने वाली दुकान मानी जाती है, और prior notice न होने पर FDA आम तौर पर कार्रवाई करता है।

इसलिए मिठाई ख़ुद ख़रीदें, उनके सील बंद डिब्बों में पैक करें, और पार्सल ख़ुद बुक करें। हर खाने की चीज़ का नाम और वज़न साफ़-साफ़ लिखें। खाने का सामान एक अमेरिकी एजेंसी के नियमों में आता है, इसलिए काउंटर कुछ और जानकारी माँग सकता है; वह दें, और खाने की चीज़ कपड़ों के डिब्बे में छिपाकर न भेजें।

अमेरिका का पार्सल कैसे बुक करें — स्टेप बाय स्टेप

1

हर सामान की लिस्ट क़ीमत के साथ बनाएं

लिखें कि हर चीज़ क्या है, किस चीज़ से बनी है, कहाँ बनी है और कितने की है। बिल हों तो संभालकर रखें।

2

हर सामान का टैरिफ़ कोड पता करें

इंडिया पोस्ट को 10 अंकों वाला अमेरिकी (HTSUS) कोड चाहिए। काउंटर या International Business Centre इसे ढूँढने में मदद कर सकते हैं। जितना सटीक विवरण ("women's cotton kurta, woven"), उतना सही कोड।

3

डिब्बा खुला ले जाएं, या सील करने से पहले दिखाएं

कई काउंटर इंटरनेशनल पार्सल सील करने से पहले अंदर का सामान देखना चाहते हैं। टेप और मज़बूत डिब्बा साथ ले जाएं, और काउंटर पर ही सील करें।

4

ऐसे पोस्ट ऑफिस जाएं जहाँ इंटरनेशनल डाक बुक होती है

हेड पोस्ट ऑफिस, International Business Centre और डाक घर निर्यात केंद्र रोज़ यह काम करते हैं। इंडिया पोस्ट अपने सेल्फ़-सर्विस पोर्टल से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी देता है। कोई पहचान पत्र (ID proof) साथ रखें।

5

CN 22 या CN 23 भरें और डाक शुल्क व ड्यूटी चुकाएं

निकलने से पहले रसीद पर ड्यूटी की रक़म देख लें। कुछ ग़लत लगे तो उसी समय पूछें, पार्सल जाने के बाद नहीं।

6

रसीद संभालें और ट्रैकिंग नंबर भेजें

कंसाइनमेंट नंबर अमेरिका वाले व्यक्ति को भेज दें, ताकि वे पार्सल पर नज़र रख सकें और डिलीवरी का इंतज़ार कर सकें।

इंडिया पोस्ट और USPS पर पार्सल ट्रैक करना

आपकी रसीद पर 13 अक्षरों का नंबर होता है, जो IN पर ख़त्म होता है। इसे SpeedIndiaPost.com पर डालें और देखें कि पार्सल बुकिंग ऑफिस से निकला, फ़ॉरेन पोस्ट ऑफिस पहुँचा और विदेश रवाना हुआ। अमेरिका पहुँचने के बाद यह USPS को सौंप दिया जाता है, और अमेरिका वाला व्यक्ति वही नंबर USPS की वेबसाइट पर डालकर लोकल डिलीवरी अपडेट देख सकता है।

अगर "dispatched" और अमेरिका पहुँचने वाले स्कैन के बीच कुछ दिन ट्रैकिंग चुप रहे, तो घबराएं नहीं। इंटरनेशनल डाक में ऐसा अक्सर होता है। हमारी ट्रैकिंग स्टेटस गाइड हर स्टेप समझाती है, और लंबे समय तक कुछ न बदले तो ट्रैकिंग अपडेट न होने वाली गाइड देखें।

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ग़लतियाँ जिनसे पैसे का नुक़सान होता है

क़ीमत कम बताना: इससे आज ड्यूटी कम लगती है, लेकिन अगर अमेरिकी कस्टम असहमत हो तो जोखिम भेजने वाले का है। सही क़ीमत बताएं।

गोलमोल विवरण: "household items" या "gift pack" जैसे शब्दों पर टैरिफ़ कोड नहीं लग सकता। हर चीज़ का नाम लिखें।

डॉक्यूमेंट और सामान एक साथ: सर्टिफ़िकेट जैसे ज़रूरी काग़ज़ अलग से डॉक्यूमेंट के रूप में भेजें, ताकि वे सामान के डिब्बे के साथ अटक न जाएं।

अधूरा अमेरिकी पता: अपार्टमेंट नंबर या ZIP कोड छूट जाए तो पार्सल लौट आता है। साफ़ पता कैसे लिखें, यह हमारी पता लिखने की गाइड में है।

त्योहार के लिए देर से भेजना: कस्टम क्लियरेंस में कुछ दिन और लग सकते हैं। क्रिसमस या नए साल के लिए काफ़ी पहले भेजें; हमारी सलाह है कम से कम तीन-चार हफ़्ते पहले।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अब क्या करें

आज ही: सामान की लिस्ट क़ीमत और बनने की जगह के साथ लिख लें। मीट, ताज़े फल-सब्ज़ी या बीज वाली हर चीज़ हटा दें।

पहले फ़ोन करें: इंडिया पोस्ट का टोल-फ़्री नंबर 1800 266 6868 है। पूछें कि पास का कौन-सा ऑफिस अमेरिका के पार्सल बुक करता है और आपके सामान पर कितनी ड्यूटी लगेगी।

सर्विस चुनें: वज़न सीमा के अंदर की हल्की, बिना जल्दी वाली चीज़ों के लिए ITPS, और भारी या समय वाली चीज़ों के लिए EMS। छुट्टियों के लिए जल्दी भेजें।

बुकिंग के बाद: हमारे होमपेज पर ट्रैक करें, और पार्सल खो जाए या टूट जाए तो हमारी शिकायत गाइड देखें।

अपना इंटरनेशनल पार्सल यहाँ ट्रैक करें

इंटरनेशनल Speed Post (EMS), Tracked Packet और एयर पार्सल की मुफ़्त ट्रैकिंग। न लॉगिन, न फ़ीस।

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